चार वेद, छ: शास्त्र, अठारह पुराण




चार वेद में ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का गूढ़ ज्ञान समेटे हुए सनातन धर्म विश्व का प्राचीनतम धर्म है इसकी समस्त मान्यताएँ और परम्पराएँ पूर्णतः वैज्ञानिक हैं वस्तुतः यह एक जीवन शैली है जो मनोवैज्ञानिक होने के साथ-साथ व्यावहारिक भी है. आज इसे ही 'हिन्दू धर्म' के नाम से जाना जाता है इसका आधार अग्रोल्लिखित साहित्य समुच्चय है जो विश्व भर में अद्वितीय है।


चार वेद -
  1. ऋग्वेद
  2. सामवेद
  3. यजुर्वेद
  4. अथर्ववेद


विशेष: ऋग्वेद को विश्व का प्राचीनतम साहित्य होने का गौरव प्राप्त है ।



उपवेद -
  1. आयुर्वेद
  2. गंधर्ववेद
  3. धनुर्वेद
  4. स्थापत्यवेद


छ:शास्त्र -

  1. शिक्षा
  2. कल्प
  3. व्याकरण
  4. निरुक्त
  5. छंद
  6. ज्योतिष

अठारह पुराण -

  1. ब्रह्म पुराण
  2. पद्म पुराण
  3. विष्णु पुराण 
  4. वायु पुराण
  5. भागवत पुराण
  6. नारद पुराण
  7. मार्कंडेय पुराण 
  8. अग्नि पुराण 
  9. भविष्य पुराण
  10. ब्रह्म वैवर्त पुराण 
  11. लिंग पुराण 
  12. वराह पुराण 
  13. स्कन्द पुराण 
  14. वामन पुराण 
  15. कूर्म पुराण
  16. मत्स्य पुराण
  17. गरुड़ पुराण
  18. ब्रह्माण्ड पुराण
विशेष: उपरोक्त में ब्रह्म पुराण सबसे प्राचीन है 



इसमें  निम्नलिखित ग्रन्थ भी सम्मिलित कर लें तो विश्व का कोई भी पुस्तकालय इसकी बराबरी कर पाने में सक्षम नहीं होगा और कदाचित्  कोई भी प्रश्न अनुत्तरित नहीं रहेगा। 
ये हैं-


  • श्रीमद्भगवद्गीता 
  • श्रीरामचरितमानस

धर्म की जय हो !

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