अनुभूति


ऐ मेरे दोस्त
तेरा आना भी बेकार
तेरा जाना भी बेकार
तुम आए तो दिल ने आहिस्ता ये पूछा था
अब तुम्हारे आने की ज़रूरत क्या थी
जो मेरी रूह में एक दर्द सा समाया हो
उसे और करीब आने की ज़रूरत क्या थी
और अब
जबकि तुम जा ही रहे हो
धडकनें एक मासूम सा सवाल करती हैं
क्या जाना जरुरी है?
Image courtesy: myhonysplace.com

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